रोहित सिंह काव्य

Just another Jagranjunction Blogs weblog

84 Posts

2 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 25721 postid : 1349952

जो ना था मुझे कभी मंजूर आज वही करने को हु मजबूर

Posted On: 31 Aug, 2017 कविता में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

अक्सर इन्सान वक़्त के हाथोँ मजबूर क्योँ होता है,
जो ना हो उसे पसन्द वही करने को मजबूर क्योँ होता है,
वह कोसिस बहुत करता है ख़ुद को रोकने की,
जो राह उनसे चुनी नहीं थी कभी उस राह पर ही चलने को मजबूर क्यों होता है ||



Tags:

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



latest from jagran